जब कोई वाक्यांश अपने प्रचलित अर्थ को अभिव्यक्त न कर किसी विशेष अर्थ में रूढ़ हो जाए , तब वह मुहावरा कहलाता है । जैसे – ‘ नौ दो ग्यारह होना ‘ मुहावरा गणितीय संक्रिया को न बताकर ‘ भाग जाना ‘ अर्थ को घोषित करता है । ठीक वैसे ही ‘ दाँत खट्टे करना ‘ नामक मुहावरा स्वाद के खट्टेपन को न बताकर किसी को ‘ बुरी तरह हराना ‘ नामक अर्थ अभिव्यक्त करता है ।
लोकोक्ति शब्द दो शब्दों के मेल से बना है — लोक + उक्ति । लोक में चिरकाल से प्रचलित कथन लोकोक्ति कहलाता है । लोकोक्ति का संबंध किसी घटित घटना से होता है ।
लोकोक्तियों एवं मुहावरों के प्रयोग से भाषा प्रभावोत्पादक बनती है । लोकोक्ति को ‘ कहावत ‘ नाम से भी जाना जाता है ।
अंतर–
- मुहावरा वाक्यांश होता है जबकि लकोक्ति अपनेआप में पूर्ण होती है ।
- मुहावरे में लिंग , वचन और काल आदि के अनुसार कुछ परिवर्तन आ जाता है जबकि लोकोक्ति में वाक्य में प्रयुक्त होने पर भी किसी प्रकार का परिवर्तन नहीं आता है ।
- मुहावरे के अंत में साधारणतया क्रिया सूचक शब्द जैसे – करना , होना आदि प्रयुक्त होते हैं जबकि लोकोक्ति में ऐसा नहीं होता है ।
- मुहावरे भाषा की लाक्षणिकता को दर्शाते हैं जबकि लोकोक्तियाँ समाज के भाषायी इतिहास को अभिव्यक्त करती हैं ।
मुहावरे
1. आँख भरना — स्नेहपूर्वक गले मिलना
2. अंग-अंग ढीला होना — बहुत थक जाना
3 . अंगारे उगलना — क्रोध में कटु वचन कहना
4 . अंधा बनना — जानते हुए भी ध्यान न देना
5. अंधे की लाठी होना — एकमात्र सहारा
6. अंधेर खाता होना — सही हिसाब न होना
7. अक्ल का दुश्मन होना — मूर्ख होना
8 . अक्ल के घोड़े दौड़ाना — केवल कल्पनाएँ करना
9 . अक्ल के पीछे लट्ठ लिए घूमना — बुद्धि विरुद्ध कार्य करना
10 . अगर-मगर करना — बहाने बनाना
11 . अड़ियल टट्टू होना — जिद्दी होना
12. अपना उल्लू सीधा करना — अपना स्वार्थ सिद्ध करना
13. अपना सा मुँह लेकर रह जाना — किसी अकृत कार्य के कारण लज्जित होना
14. अपनी खिचड़ी अलग पकाना — साथ मिलकर न रहना , अलग रहना
15. अपने तक रखना – किसी दूसरे से न कहना
16. अपने पैरों पर कुल्हाड़ी मारना — अपना नुकसान स्वयं करना
17. अपने मुँह मियाँ मिट्टू बनना —अपनी प्रशंसा स्वयं करना
18. आँखें खुलना — सजग या सावधान होना
19. आँखें चार होना — आमना-सामना होना
20. आँखें चुराना — नजर बचाना
21 . आँच न आने देना — जरा भी कष्ट न आने देना
22. आँखों में खून उतरना — अत्यधिक क्रोध करना
23 . आँखों में धूल झोंकना — धोखा देना
24. आँखों का तारा — अत्यन्त प्यारा
25. आँखें बिछाना — प्रेमपूर्वक स्वागत करना
26. आँखों पर परदा पड़ना — भले-बुरे की परख न होना
27. आँच न आने देना — जरा भी कष्ट न आने देना
28 . आँचल पसारना — प्रार्थना करना
29. आँसू पोंछना — धीरज व ढाढस बँधाना
30 . आँधी के आम होना — सस्ती चीजें
31. आकाश के तारे तोड़ना — असंभव कार्य को अंजाम देना
32. आईने में मुँह देखना — अपनी योग्यता की जाँच कर लेना
33. आग बबूला होना — अत्यधिक क्रोध करना
34. आग में घी डालना — क्रोध को बढ़ाने का कार्य करना
35. आटे-दाल का भाव मालूम होना — जीवन के यथार्थ को जानना
36 . आग लगने पर कुआँ खोदना — मुसीबत के समय उपाय खोजना
37 . आड़े आना — बाधक बनना
38 आकाश टूटना — अचानक बड़ी विपत्ति आना
39. आपे से बाहर होना — वश में न रह पाना
41. आसमान सिर पर उठाना — अत्यधिक शोर करना
42 . आठ-आठ आँसू रोना — बुरी तरह रोना या पछताना
43.आस्तीन का साँप होना — कपटी मित्र
44. इतिश्री होना — अंत या समाप्त होना
45 . इधर-उधर की हाँकना — व्यर्थ की बातें करना
46 . ईंट का जवाब पत्थर से देना — करारा जवाब देना
47. ईंट से ईंट बजाना — कड़ा मुकाबला करना
48. ईद का चाँद होना — बहुत दिनों बाद दिखना
49 . इशारों पर नचाना — किसी को अपनी इच्छानुसार चलाना
50 . उंगली उठाना — निन्दा करना या आरोप लगाना
51. उगल देना — सारा भेद प्रकट कर देना
52 . उंगली पर नचाना — किसी अन्य के इशारे पर चलना
53. उड़ता तीर झेलना — अनावश्यक विपत्ति मोल लेना
54. उड़ती चिड़िया पहचानना — थोड़े इशारे में ही सब कुछ समझ लेना
55 . उन्नीस बीस का फर्क होना — मामूली अन्तर
56 . उल्टी गंगा बहाना — रीति विरुद्ध कार्य करना
57 . उल्लू बनाना — मूर्ख बनाना
अन्य मुहावरे
1. एक आँख से देखना — समदृष्टि या समभाव होना
2. एड़ी चोटी का जोर लगाना — बहुत प्रयास करना
3. एक ही थाली के चट्टे-बट्टे होना — समान प्रवृत्ति के होना
4. एक लाठी से हाँकना — सबके साथ एक-सा व्यवहार करना
5. ऋण उतारना — कर्ज अदा करना
6. ऋण मढ़कर जाना — अपना कर्ज किसी अन्य पर डालना
7. एक और एक ग्यारह होना — संगठन में शक्ति होना
8. उल्टी पट्टी पढ़ाना — गलत शिक्षा देना
9. उल्टी माला फेरना — अहित सोचना
10. ओखली में सिर देना — जान-बूझकर विपत्ति मोल लेना
11. औने-पौने करना — कम लाभ या कम कीमत में बेच देना
12. कच्चा चिट्ठा खोलना — रहस्य बताना
13. कमर कसना — तैयार होना
14. कलेजा ठंडा होना — मन को शांति मिलना
15. कागजी घोड़े दौड़ाना — केवल कागजी कार्रवाई करना
16. काठ का उल्लू होना —महामूर्ख होना , वज्र मूर्ख
17. कान खड़े होना — चौकन्ना होना
18. कान पकड़ना — गलती स्वीकार करना
19. कान में तेल डालकर बैठना — सुनकर भी अनसुना करना
20. क्रोध काफूर होना — गुस्सा गायब होना
21. काल कवलित होना — मर जाना
22. किताबी कीड़ा होना — हर समय पढ़ने में लगे रहना
23. कूच करना — चले जाना
24. कोढ़ में खाज होना — दुःख में और दुःख आना
25. कमर कसना — किसी कार्य के लिए तैयार होना
26. कलेजा मुँह को आना — घबरा जाना
27. कान का कच्चा होना — जल्दी किसी के बहकावे में आना
28. कान भरना — चुगली करना
29. कोल्हू का बैल होना — निरंतर काम में जुटे रहना
30. कौड़ी के मोल बेचना — अत्यन्त सस्ता होना
31. कान पर जूँ तक न रेंगना — कोई असर न पड़ना
32. कंधे से कंधा मिलाना — साथ देना
33. कन्नी काटना — आँख बचाकर निकलना
34. कान कतरना — चतुराई दिखाना
35. कलेजे का टुकड़ा होना — बहुत प्रिय
36. कान खोलना — सावधान करना
37. कुँए में भांग पड़ना — सबकी मति भ्रष्ट होना
38. कीचड़ उछालना — अपमानित/बेइज्जत करना
39. कतर ब्योंत करना — काट-छाँट करना
40. कफन की कौड़ी न होना — दरिद्र होना
41. कब्र में पाँव लटकना — मृत्यु के निकट होना
42. कमर कसना — तैयार होना
43. कान भर जाना — सुनते सुनते पक जाना
44. काम निकालना — अपना मतलब पूरा करना
45. किला फतेह करना — किसी कठिन कार्य में सफलता प्राप्त करना
46. खाल खींचना — बहुत मारना
47. खाट पकड़ लेना — बहुत बीमार पड़ जाना
48. खरी-खोटी कहना — भला-बुरा कहना
49. खाक छानना — मारे-मारे फिरना , निरुद्देश्य भटकना
50. खेत रहना — युद्ध में मारे जाना
51. खाक में मिलना — नष्ट होना
52. खून खौलना — अत्यधिक क्रोध आना
53. खून-पसीना एक करना — कठोर परिश्रम करना
54. ख्याली पुलाव पकाना — कोरी ( व्यर्थ ) कल्पनाएँ करना
55. खून का घूंट पीकर रह जाना — चुपचाप गुस्सा सहन कर लेना
56. खरी-खरी सुनाना — साफ-साफ कहना
57. खून सूखना — भयभीत होना
58. खटाई में पड़ना — कार्य में व्यवधान आना
59. खिचड़ी पकाना — गुप्त योजना बनाना
60. गंगा नहाना —किसी कठिन कार्य को पूर्ण करना
61. गड़े-मुर्दे उखाड़ना — पुरानी बातें करना
62. गले मढ़ना — जबरन कार्य सौंपना
63. गागर में सागर भरना — थोड़े शब्दों में बहुत कुछ कह देना
64. गाजर मूली समझना — तुच्छ समझना , मामूली मानना
65. गाल बजाना —बढ़-चढ़कर बातें करना
66. गुड़ गोबर करना — बना कार्य बिगाड़ देना
67. गिरगिट की तरह रंग बदलना — अवसरवादी होना
68. गाँठ बाँधना — स्थायी रूप से याद रखना
69. गाँठ पढ़ना — द्वेष का स्थायी होना
70. गूदड़ी का लाल होना — गरीबी में भी गुणवान होना
71. गंगा नहाना — दायित्व से मुक्ति मिलना
72. गाल फुलाना — गुस्सा होना
73. घोड़े बेचकर सोना — निशचिंत होकर सोना
74. घुटने टेकना — हार मानना
75. घी के दीये जलना — खुशियाँ मनाना
76. घड़ों पानी पड़ना — लज्जित होना
77. घर फूंककर तमाशा देखना — अपना नुकसान होने पर भी मौज करना
78. घाट-घाट का पानी पीना — स्थान-स्थान का अनुभव होना
79. घास काटना —बिना गुणवत्ता कार्य करना
80. घाव हरा होना — भूला दुख – दर्द याद आना
81. घर बसाना — विवाह कराना
82. चींटी के पर निकलना — मृत्यु के दिन समीप आना
83. चल बसना — मृत्यु होना
84. चैन की बंशी बजाना — मौज करना
85. चोली दामन का साथ होना —बहुत निकटता
86. चिकना घड़ा होना — कुछ भी असर न होना , बेशर्म होना घूस
87. चाँदी का जूता मारना — घूस ( रिश्वत ) देना
88. चार चाँद लगना — शोभा में वृद्धि होना
89. चादर से बाहर पैर पसारना — आय से ज्यादा खर्च करना
90. चूना लगाना — नुकसान करना
91. चिराग तले अंधेरा होना — अपने दोष न देख पाना
92. चार दिन की चाँदनी होना — अल्पकालीन सुख
93. चूड़ियाँ पहनना — कायरता दिखाना
94. चारों खाने चित्त होना — बुरी तरह हारना
95. चंगुल में फँसना — पकड़ में आना
96. चक्की पीसना — जेल की सजा भुगतना
97. चिकना देख फिसल पड़ना — किसी के रूप या धन पर लुभा जाना
98. चित्त उचटना — मन न लगना
99. छक्के छुड़ाना — बुरी तरह हराना
100. छठी का दूध याद आना — संकट में पड़ना
101. छाती पर मूँग दलना — साथ रहकर परेशान करना
102. छप्पर फाड़कर देना — बिना परिश्रम बहुत देना
103. छाती पर पत्थर रखना —धैर्यपूर्वक कष्ट सहन करना
104. छाती पर साँप लौटना — ईर्ष्या करना
105. छाँह तक न छूने देना — समीप न आने देना
106. छँटे-छँटे फिरना — दूर-दूर रहना
107. छठे छमासे आना — कभी -कभी आना
108. छप्पर पर फूस न होना — अत्यन्त गरीब होना
109. छाती ठोकना — कठिन कार्य हेतु प्रतिज्ञा करना
110. छींकते नाक कटना — छोटी बात पर चिढ़ना
111. जले पर नमक छिड़कना — दुखी व्यक्ति को और दुखी करना
112. जान हथेली पर रखना — मृत्यु की परवाह न करना
113. जहर का घूँट पीकर रह जाना — कड़वी बात सहन करना
114. जहर उगलना — कड़वी बातें कहना
115. जी तोड़कर काम करना — बहुत परिश्रम करना
116. जान पर खेलना — साहसी कार्य करना
117. जी चुराना — कार्य से स्वयं को अलग रखना
118. जहर उगलना — अपमानजनक बातें कहना
119. जड़ काटना — समूल नष्ट करना
120. जमीन आसमान एक करना — सभी उपाय करना
121. जमीन आसमान का अंतर — बड़ा भारी अन्तर
122. जान के लाले पड़ना — प्राण संकट में पड़ना
123. जूतियाँ चाटना — चापलूसी करना
124. जंजाल में पड़ना —संकट में पड़ना
125. जलती आग में कूदना — जान-बूझकर विपत्ति में पड़ना
126. जिन्दगी के दिन पूरे करना — मृत्यु के दिन समीप होना
127. जिल्लत उठाना — अपमानित होना
128. जी छोटा करना — हृदय के उत्साह में कमी
129. जूठे हाथ से कुत्ता न मारना — अत्यधिक कंजूस होना
130. झंड़ा गाड़ना — अधिकार करना
131. टाँग अड़ाना — बाधा डालना
132. टेढ़ी उँगली से घी निकालना — चतुराई से काम निकालना
133. टेढ़ी खीर होना — कठिन काम
134. टोपी उछालना — अपमानित करना
135. टका सा जवाब देना — साफ-साफ मना करना
136. टका सा मुँह लेकर रह जाना — लजित होना
137. जिन्दा मक्खी निगलना — स्पष्ट दिखता हुआ अन्याय सहन करना
138. टक्कर लेना — मुकाबला करना — अपने
139. टस से मस न होना — इरादे से न हटना
140. ठीकरा फोड़ना — दोष लगाना , आरोप लगाना
141. ठोड़ी पर हाथ धरे बैठना — चिंतामग्न बैठना
142. ठकुर सुहाती बातें करना — चापलूसी करना
143. ठगा-सा रह जाना — किंकर्तव्यविमूढ़ होना
144. डींग हाँकना — व्यर्थ गप्पे लगाना
145. डकार जाना — किसी की वस्तु हड़प लेना
146. डंका बजना — प्रभाव होना
147. डंके की चोट कहना — खुले आम कहना/खुल्लम खुल्ला कहना
148. डेढ़ चावल की खिचड़ी पकाना — सबसे अलग राय होना
149. ढाई दिन की बादशाहत करना — थोड़े समय का ऐश्वर्य मिलना
150. ढिंढोरा पीटना — अति प्रचारित करना
151. ढोल में पोल होना — सारहीन होना
152. तलवे चाटना — खुशामद करना
153. तिल का ताड़ करना — छोटी सी बात को बढ़ाना
154. तूती बोलना — प्रभाव होना
155. तलवार के घाट उतारना — मार देना
156. तितर-बितर होना — बिखर जाना
157. तख्ता उलटा — सरकार बदलना
158. तेली का बैल होना — हर समय काम में जुटे रहना
159. तेवर चढ़ना — गुस्सा आना
160. तह तक पहुँचना — बात का ठीक से पता लगाना
161. ताँता बँधना — आने का क्रम न रुकना
162. तारे गिनना — बैचेनी से रात गुजारना
163. ताव देखना — अंदाजा लगाना
164. थूक कर चाटना — अपनी बात से फिरना
165. थाह लेना — भेद पता करना
166. दाँत खट्टे करना — परास्त करना
167. दाँतों तले उँगली दबाना — आश्चर्यचकित होना
168. दाहिना हाथ होना — विश्वासपात्र होना