मुहावरे एवं लोकोक्तियाँ for class 9th , 10th ,11th and 12th

जब कोई वाक्यांश अपने प्रचलित अर्थ को अभिव्यक्त न कर किसी विशेष अर्थ में रूढ़ हो जाए , तब वह मुहावरा कहलाता है । जैसे – ‘ नौ दो ग्यारह होना ‘ मुहावरा गणितीय संक्रिया को न बताकर ‘ भाग जाना ‘ अर्थ को घोषित करता है । ठीक वैसे ही ‘ दाँत खट्टे करना ‘ नामक मुहावरा स्वाद के खट्टेपन को न बताकर किसी को ‘ बुरी तरह हराना ‘ नामक अर्थ अभिव्यक्त करता है ।

लोकोक्ति शब्द दो शब्दों के मेल से बना है — लोक + उक्ति । लोक में चिरकाल से प्रचलित कथन लोकोक्ति कहलाता है । लोकोक्ति का संबंध किसी घटित घटना से होता है ।

लोकोक्तियों एवं मुहावरों के प्रयोग से भाषा प्रभावोत्पादक बनती है । लोकोक्ति को ‘ कहावत ‘ नाम से भी जाना जाता है ।

अंतर–

  • मुहावरा वाक्यांश होता है जबकि लकोक्ति अपनेआप में पूर्ण होती है ।
  • मुहावरे में लिंग , वचन और काल आदि के अनुसार कुछ परिवर्तन आ जाता है जबकि लोकोक्ति में वाक्य में प्रयुक्त होने पर भी किसी प्रकार का परिवर्तन नहीं आता है ।
  • मुहावरे के अंत में साधारणतया क्रिया सूचक शब्द जैसे – करना , होना आदि प्रयुक्त होते हैं जबकि लोकोक्ति में ऐसा नहीं होता है ।
  • मुहावरे भाषा की लाक्षणिकता को दर्शाते हैं जबकि लोकोक्तियाँ समाज के भाषायी इतिहास को अभिव्यक्त करती हैं ।

मुहावरे

1. आँख भरना — स्नेहपूर्वक गले मिलना

2. अंग-अंग ढीला होना — बहुत थक जाना

3 . अंगारे उगलना — क्रोध में कटु वचन कहना

4 . अंधा बनना — जानते हुए भी ध्यान न देना

5. अंधे की लाठी होना — एकमात्र सहारा

6. अंधेर खाता होना — सही हिसाब न होना

7. अक्ल का दुश्मन होना — मूर्ख होना

8 . अक्ल के घोड़े दौड़ाना — केवल कल्पनाएँ करना

9 . अक्ल के पीछे लट्ठ लिए घूमना — बुद्धि विरुद्ध कार्य करना

10 . अगर-मगर करना — बहाने बनाना

11 . अड़ियल टट्टू होना — जिद्दी होना

12. अपना उल्लू सीधा करना — अपना स्वार्थ सिद्ध करना

13. अपना सा मुँह लेकर रह जाना — किसी अकृत कार्य के कारण लज्जित होना 

14. अपनी खिचड़ी अलग पकाना — साथ मिलकर न रहना , अलग रहना

15. अपने तक रखना – किसी दूसरे से न कहना 

16. अपने पैरों पर कुल्हाड़ी मारना — अपना नुकसान स्वयं करना 

17. अपने मुँह मियाँ मिट्टू बनना —अपनी प्रशंसा स्वयं करना

18. आँखें खुलना — सजग या सावधान होना

19. आँखें चार होना — आमना-सामना होना 

20. आँखें चुराना — नजर बचाना 

21 . आँच न आने देना — जरा भी कष्ट न आने देना 

22. आँखों में खून उतरना — अत्यधिक क्रोध करना

23 . आँखों में धूल झोंकना — धोखा देना

24. आँखों का तारा — अत्यन्त प्यारा

25. आँखें बिछाना — प्रेमपूर्वक स्वागत करना 

26. आँखों पर परदा पड़ना — भले-बुरे की परख न होना 

27. आँच न आने देना — जरा भी कष्ट न आने देना

28 . आँचल पसारना — प्रार्थना करना

29. आँसू पोंछना — धीरज व ढाढस बँधाना 

30 . आँधी के आम होना — सस्ती चीजें 

31. आकाश के तारे तोड़ना — असंभव कार्य को अंजाम देना

32. आईने में मुँह देखना — अपनी योग्यता की जाँच कर लेना

33. आग बबूला होना — अत्यधिक क्रोध करना 

34. आग में घी डालना — क्रोध को बढ़ाने का कार्य करना 

35. आटे-दाल का भाव मालूम होना — जीवन के यथार्थ को जानना

36 . आग लगने पर कुआँ खोदना — मुसीबत के समय उपाय खोजना 

37 . आड़े आना — बाधक बनना 

38 आकाश टूटना — अचानक बड़ी विपत्ति आना

39. आपे से बाहर होना — वश में न रह पाना

41. आसमान सिर पर उठाना — अत्यधिक शोर करना

42 . आठ-आठ आँसू रोना — बुरी तरह रोना या पछताना 

43.आस्तीन का साँप होना — कपटी मित्र

44. इतिश्री होना — अंत या समाप्त होना 

45 . इधर-उधर की हाँकना — व्यर्थ की बातें करना

46 . ईंट का जवाब पत्थर से देना — करारा जवाब देना

47. ईंट से ईंट बजाना —  कड़ा मुकाबला करना

48. ईद का चाँद होना — बहुत दिनों बाद दिखना

49 . इशारों पर नचाना — किसी को अपनी इच्छानुसार चलाना

50 . उंगली उठाना — निन्दा करना या आरोप लगाना

51. उगल देना — सारा भेद प्रकट कर देना

52 . उंगली पर नचाना — किसी अन्य के इशारे पर चलना

53. उड़ता तीर झेलना — अनावश्यक विपत्ति मोल लेना

54. उड़ती चिड़िया पहचानना — थोड़े इशारे में ही सब कुछ समझ लेना

55 . उन्नीस बीस का फर्क होना — मामूली अन्तर

56 . उल्टी गंगा बहाना — रीति विरुद्ध कार्य करना

57 . उल्लू बनाना — मूर्ख बनाना

अन्य मुहावरे

1. एक आँख से देखना — समदृष्टि या समभाव होना

2. एड़ी चोटी का जोर लगाना — बहुत प्रयास करना

3. एक ही थाली के चट्टे-बट्टे होना —  समान प्रवृत्ति के होना

4. एक लाठी से हाँकना — सबके साथ एक-सा व्यवहार करना

5. ऋण उतारना — कर्ज अदा करना

6. ऋण मढ़कर जाना — अपना कर्ज किसी अन्य पर डालना

7. एक और एक ग्यारह होना — संगठन में शक्ति होना

8. उल्टी पट्टी पढ़ाना — गलत शिक्षा देना

9. उल्टी माला फेरना — अहित सोचना

10. ओखली में सिर देना — जान-बूझकर विपत्ति मोल लेना

11. औने-पौने करना — कम लाभ या कम कीमत में बेच देना 

12. कच्चा चिट्ठा खोलना — रहस्य बताना

13. कमर कसना — तैयार होना

14. कलेजा ठंडा होना — मन को शांति मिलना

15. कागजी घोड़े दौड़ाना — केवल कागजी कार्रवाई करना

16. काठ का उल्लू होना —महामूर्ख होना , वज्र मूर्ख

17. कान खड़े होना — चौकन्ना होना

18. कान पकड़ना — गलती स्वीकार करना

19. कान में तेल डालकर बैठना — सुनकर भी अनसुना करना

20. क्रोध काफूर होना — गुस्सा गायब होना

21. काल कवलित होना — मर जाना

22. किताबी कीड़ा होना — हर समय पढ़ने में लगे रहना

23. कूच करना — चले जाना

24. कोढ़ में खाज होना — दुःख में और दुःख आना

25. कमर कसना — किसी कार्य के लिए तैयार होना

26. कलेजा मुँह को आना — घबरा जाना

27. कान का कच्चा होना — जल्दी किसी के बहकावे में आना

28. कान भरना — चुगली करना

29. कोल्हू का बैल होना — निरंतर काम में जुटे रहना

30. कौड़ी के मोल बेचना — अत्यन्त सस्ता होना

31. कान पर जूँ तक न रेंगना — कोई असर न पड़ना

32. कंधे से कंधा मिलाना — साथ देना

33. कन्नी काटना — आँख बचाकर निकलना

34. कान कतरना — चतुराई दिखाना

35. कलेजे का टुकड़ा होना — बहुत प्रिय

36. कान खोलना — सावधान करना

37. कुँए में भांग पड़ना — सबकी मति भ्रष्ट होना

38. कीचड़ उछालना — अपमानित/बेइज्जत करना

39. कतर ब्योंत करना — काट-छाँट करना

40. कफन की कौड़ी न होना — दरिद्र होना

41. कब्र में पाँव लटकना — मृत्यु के निकट होना

42. कमर कसना — तैयार होना

43. कान भर जाना — सुनते सुनते पक जाना

44. काम निकालना — अपना मतलब  पूरा करना

45. किला फतेह करना — किसी कठिन कार्य में सफलता प्राप्त करना

46. खाल खींचना — बहुत मारना

47. खाट पकड़ लेना — बहुत बीमार पड़ जाना

48. खरी-खोटी कहना — भला-बुरा कहना

49. खाक छानना — मारे-मारे फिरना , निरुद्देश्य भटकना

50. खेत रहना — युद्ध में मारे जाना

51. खाक में मिलना — नष्ट होना

52. खून खौलना — अत्यधिक क्रोध आना

53.  खून-पसीना एक करना — कठोर परिश्रम करना

54. ख्याली पुलाव पकाना — कोरी ( व्यर्थ ) कल्पनाएँ करना

55. खून का घूंट पीकर रह जाना — चुपचाप गुस्सा सहन कर लेना

56. खरी-खरी सुनाना — साफ-साफ कहना

57. खून सूखना — भयभीत होना

58. खटाई में पड़ना — कार्य में व्यवधान आना

59. खिचड़ी पकाना — गुप्त योजना बनाना

60. गंगा नहाना —किसी कठिन कार्य को पूर्ण करना

61. गड़े-मुर्दे उखाड़ना — पुरानी बातें करना

62. गले मढ़ना — जबरन कार्य सौंपना

63. गागर में सागर भरना — थोड़े शब्दों में बहुत कुछ कह देना

64. गाजर मूली समझना — तुच्छ समझना , मामूली मानना

65. गाल बजाना —बढ़-चढ़कर बातें करना

66. गुड़ गोबर करना — बना कार्य बिगाड़ देना

67. गिरगिट की तरह रंग बदलना — अवसरवादी होना

68. गाँठ बाँधना — स्थायी रूप से याद रखना

69. गाँठ पढ़ना — द्वेष का स्थायी होना

70. गूदड़ी का लाल होना — गरीबी में भी गुणवान होना

71. गंगा नहाना — दायित्व से मुक्ति मिलना

72. गाल फुलाना — गुस्सा होना

73. घोड़े बेचकर सोना — निशचिंत होकर सोना

74. घुटने टेकना — हार मानना

75. घी के दीये जलना — खुशियाँ मनाना

76. घड़ों पानी पड़ना — लज्जित होना

77. घर फूंककर तमाशा देखना — अपना नुकसान होने पर भी मौज करना

78. घाट-घाट का पानी पीना — स्थान-स्थान का अनुभव होना

79. घास काटना —बिना गुणवत्ता कार्य करना

80. घाव हरा होना — भूला दुख – दर्द याद आना

81. घर बसाना — विवाह कराना

82. चींटी के पर निकलना — मृत्यु के दिन समीप आना

83. चल बसना — मृत्यु होना

84. चैन की बंशी बजाना — मौज करना

85. चोली दामन का साथ होना —बहुत निकटता

86. चिकना घड़ा होना — कुछ भी असर न होना , बेशर्म होना घूस

87. चाँदी का जूता मारना — घूस ( रिश्वत ) देना

88. चार चाँद लगना — शोभा में वृद्धि होना

89. चादर से बाहर पैर पसारना — आय से ज्यादा खर्च करना

90. चूना लगाना — नुकसान करना

91. चिराग तले अंधेरा होना — अपने दोष न देख पाना

92. चार दिन की चाँदनी होना — अल्पकालीन सुख

93. चूड़ियाँ पहनना — कायरता दिखाना

94. चारों खाने चित्त होना — बुरी तरह हारना

95. चंगुल में फँसना — पकड़ में आना

96. चक्की पीसना — जेल की सजा भुगतना

97. चिकना देख फिसल पड़ना — किसी के रूप या धन पर लुभा जाना

98. चित्त उचटना — मन न लगना

99. छक्के छुड़ाना — बुरी तरह हराना

100. छठी का दूध याद आना — संकट में पड़ना

101. छाती पर मूँग दलना — साथ रहकर परेशान करना

102. छप्पर फाड़कर देना — बिना परिश्रम बहुत देना

103. छाती पर पत्थर रखना —धैर्यपूर्वक कष्ट सहन करना

104. छाती पर साँप लौटना — ईर्ष्या करना

105. छाँह तक न छूने देना — समीप न आने देना

106. छँटे-छँटे फिरना  — दूर-दूर रहना

107. छठे छमासे आना — कभी -कभी आना

108. छप्पर पर फूस न होना — अत्यन्त गरीब होना

109. छाती ठोकना — कठिन कार्य हेतु प्रतिज्ञा करना

110. छींकते नाक कटना — छोटी बात पर चिढ़ना

111. जले पर नमक छिड़कना — दुखी व्यक्ति को और दुखी करना

112. जान हथेली पर रखना — मृत्यु की परवाह न करना

113. जहर का घूँट पीकर रह जाना — कड़वी बात सहन करना

114. जहर उगलना — कड़वी बातें कहना

115. जी तोड़कर काम करना — बहुत परिश्रम करना

116. जान पर खेलना — साहसी कार्य करना

117. जी चुराना — कार्य से स्वयं को अलग रखना

118. जहर उगलना — अपमानजनक बातें कहना

119. जड़ काटना — समूल नष्ट करना

120. जमीन आसमान एक करना  — सभी उपाय करना

121. जमीन आसमान का अंतर — बड़ा भारी अन्तर

122. जान के लाले पड़ना — प्राण संकट में पड़ना

123. जूतियाँ चाटना — चापलूसी करना

124. जंजाल में पड़ना —संकट में पड़ना

125. जलती आग में कूदना — जान-बूझकर विपत्ति में पड़ना

126. जिन्दगी के दिन पूरे करना — मृत्यु के दिन समीप होना

127. जिल्लत उठाना — अपमानित होना

128. जी छोटा करना — हृदय के उत्साह में कमी

129. जूठे हाथ से कुत्ता न मारना — अत्यधिक कंजूस होना

130. झंड़ा गाड़ना — अधिकार करना

131. टाँग अड़ाना — बाधा डालना

132. टेढ़ी उँगली से घी निकालना — चतुराई से काम निकालना

133. टेढ़ी खीर होना — कठिन काम

134. टोपी उछालना — अपमानित करना

135. टका सा जवाब देना — साफ-साफ मना करना 

136. टका सा मुँह लेकर रह जाना — लजित होना 

137. जिन्दा मक्खी निगलना — स्पष्ट दिखता हुआ अन्याय सहन करना

138. टक्कर लेना — मुकाबला करना — अपने

139. टस से मस न होना — इरादे से न हटना

140. ठीकरा फोड़ना — दोष लगाना , आरोप लगाना

141. ठोड़ी पर हाथ धरे बैठना — चिंतामग्न बैठना

142. ठकुर सुहाती बातें करना — चापलूसी करना

143. ठगा-सा रह जाना — किंकर्तव्यविमूढ़ होना

144. डींग हाँकना — व्यर्थ गप्पे लगाना

145. डकार जाना — किसी की वस्तु हड़प लेना

146. डंका बजना — प्रभाव होना

147. डंके की चोट कहना — खुले आम कहना/खुल्लम खुल्ला कहना

148. डेढ़ चावल की खिचड़ी पकाना — सबसे अलग राय होना

149. ढाई दिन की बादशाहत करना — थोड़े समय का ऐश्वर्य मिलना

150. ढिंढोरा पीटना — अति प्रचारित करना

151. ढोल में पोल होना — सारहीन होना

152. तलवे चाटना — खुशामद करना

153. तिल का ताड़ करना — छोटी सी बात को बढ़ाना

154. तूती बोलना — प्रभाव होना

155. तलवार के घाट उतारना — मार देना

156. तितर-बितर होना — बिखर जाना

157. तख्ता उलटा — सरकार बदलना

158. तेली का बैल होना — हर समय काम में जुटे रहना

159. तेवर चढ़ना — गुस्सा आना

160. तह तक पहुँचना — बात का ठीक से पता लगाना

161. ताँता बँधना — आने का क्रम न रुकना

162. तारे गिनना — बैचेनी से रात गुजारना

163. ताव देखना — अंदाजा लगाना

164. थूक कर चाटना — अपनी बात से फिरना

165. थाह लेना — भेद पता करना

166. दाँत खट्टे करना — परास्त करना

167. दाँतों तले उँगली दबाना —  आश्चर्यचकित होना

168. दाहिना हाथ होना — विश्वासपात्र होना